मैदानी इलाकों में इस समय बसंत ऋतु अपने पीक पर चल रही है, जिसके कारण सुबह अभी भी हल्की ठंडी और दिन आरामदायक गुजर रहे हैं। लेकिन जब कभी भी मौसम में बारिश का कोई सिस्टम आसपास आता है तो तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
इसीलिए मैदानी इलाकों में एक बार फिर से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी क्योंकि एक ताजा लेकिन बेहद कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है, जो जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की ओर ट्रफ के रूप में सक्रिय हो रहा है।
सबसे पहले पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हल्के स्तर पर देखने को मिलेगा। इन इलाकों में बादलवाही बढ़ेगी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना रहेगी। निचले इलाकों में अधिकतर स्थानों पर बादल छाए रहेंगे और कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
पंजाब की बात करें तो राज्य के अधिकतर जिलों में मौसम लगभग साफ और दोपहर बाद दक्षिण पूर्वी जिलों में आंशिक बादलवाही रहेगी। लेकिन बारिश की संभावना किसी भी जिले में नहीं है। राज्य में तापमान में भी हल्का बदलाव अगले दो दिनों के दौरान देखने को मिलेगा।
अगले दो दिनों के दौरान हरियाणा के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों, जिसमें भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल शामिल हैं, जिलों में बादलवाही दिखेगी और दोपहर बाद या शाम के समय इन जिलों में इक्का दुक्का जगह बंदे गिर सकती हैं। शेष हरियाणा के जिलों में किसी भी प्रकार का बड़ा मौसम बदलाव नहीं होगा, सिर्फ कहीं-कहीं हल्के बादल नजर आ सकते हैं। बारिश की कोई संभावना नहीं है।
जबकि राजस्थान के पूर्वी जिलों जैसे चूरू, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, अजमेर, पाली, राजसमंद, भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ में दोपहर बाद बादलवाही बढ़ेगी। इसके बीच में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
शेष पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान में मौसम लगभग साफ और हल्के बादलों वाला रहेगा, कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, हमीरपुर, जालौन, महोबा, झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र और गाजीपुर जिलों में बादलवाही वाला मौसम रहेगा, जिसमे इक्का दुक्का स्थानों पर ही बूंदाबांदी की संभावना है। खासकर झांसी, ललितपुर, बांदा, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
शेष पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध क्षेत्र और पूर्वांचल के उत्तरी जिलों में बारिश की कहीं भी संभावना नहीं है। दिन में हल्के बादल नजर आ सकते हैं, लेकिन किसी भी प्रकार का बड़ा मौसमी बदलाव नहीं होगा।
मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिलों में अगले दो दिनों के दौरान दोपहर बाद बादलवाही की गतिविधियां बढ़ेंगी। राज्य के उत्तरी और पूर्वी जिलों जैसे भिंड, मुरैना, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, दमोह, कटनी, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।
जबकि राज्य के पश्चिमी जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, राजगढ़, आगर मालवा, शाजापुर, भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, धार और बड़वानी में बादलवाही के बीच कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतर स्थानों पर मौसम बादलों वाला ही रहेगा और केवल चुनिंदा स्थानों पर ही हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना रहेगी।
तापमान पूर्वानुमान:
अगले दो दिनों के दौरान उत्तर भारत के मैदानी और मध्य भारत के इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। सुबह का तापमान भी ऊपर जाएगा और दिन के तापमान में भी अच्छी-खासी तेजी देखने को मिलेगी।
हालांकि जैसे ही यह ताजा पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह आगे निकल जाएगा, उसके पीछे उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी जिसकी वजह से तापमान में हल्की कमी भी आ सकती है। एक-दो दिन के लिए दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट संभव है और सुबह हल्की ठंडक फिर महसूस हो सकती है।
इस मौसमी सिस्टम के गुजरने के बाद उत्तर भारत में एक बार फिर से मौसम साफ हो जाएगा। उसके बाद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में अधिकतम तापमान फरवरी के अंत तक ज्यादातर स्थानों पर 33°C तक जाने की प्रबल संभावना है, जबकि राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर तापमान 37°C से 39°C तक भी पहुंच सकता है।
जैसे-जैसे फरवरी के दिन आगे बढ़ेगे, दिन लंबे होते जाएंगे और सूरज की तीव्रता भी बढ़ती जाएगी। ज्यादा समय तक धूप मिलने और रातें छोटी होने की वजह से जमीन तेजी से गर्म होगी, जिससे दिन के तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। सुबह के तापमान में भी धीरे-धीरे हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
अभी के ताजा विश्लेषण के अनुसार अगले 10/15 दिनों में आगे जो भी पश्चिमी विक्षोभ आएंगे, उनका असर से अब तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं होगी। उनके प्रभाव से केवल एक-दो दिन के लिए बादल छाने के कारण दिन का तापमान थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन दो या तीन दिन के भीतर ही फिर से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
पोस्ट ऑल क्रेडिट sahil bhatt












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